ये सब कुछ सपने की तरह घट रहा था, मुझे पूरी तरह एहसास नहीं हो रहा था कि क्या हो रहा है। तभी बाघ ने मुझे ढकेलकर जमीन पर गिरा दिया। व न तो दहाड़ रहा था, न गुस्से में था। वह सिर्फ मेरे हाथों को काट रहा था।
मैं खुद को बचाने के लिए उसी के हवाले कर दिया। अपना हाथ उसके मुंह में डाल दिया। ताकि वह मेरी गर्दन न पकड़े। मैं मरने को तैयार थी। पर न जाने कैसे बाघ ने अपनी पकड़ ढीली कर दी। मुझे उम्मीद बंध गई।
रूस के चिड़ियाघर में अपनी जान बचाने के लिए दस मिनट तक शेर से लड़ने वाली जू कीपर नदेज्दा ने उन डरावने पलों को याद करते हुए यह बात कही।
नदेज्दा बताती हैं, बाघ की पकड़ी ढीली होने के बाद उन्होंने रेंगकर दूर हटने की कोशिश की। पर बाघ अपने पूरे वजन के साथ उन पर फिर कूद गया। जब पैरों से उसे हटाने की कोशिश की तो वह पैर काटने लगा। पर लोगों ने सामान फेंककर बाघ को भगा दिया और मेरी जान बच गई।
कैलिनिनगार्द के चिड़ियाघर में नदेज्दा पांच नवंबर को टाइफून नाम के साइबेरियाई बाघ टाइफून को खाना देने उसके बाड़ में गईं, लेकिन उसका दरवाजा बंद करना भूल गईं, जिससे शेर एकाएक उनके सामने आ गया।
आसपास मौजूद लोगों ने पत्थर और अन्य सामान फेंककर बाघ को उनसे दूर किया, लेकिन तब तक वह बुरी तरह जख्मी हो चुकी थीं। पर उनकी जान बच गई। उस घटना के बाद बाघ से लड़ रहीं नदेज्दा की तस्वीरें दुनिया भर में वायरल हो गई थीं। अस्पताल के बिस्तर पर लेटी बहादुर जू कीपर ने उस नारकीय दस मिनट के एक-एक पल के खौफ को बयां किया है।
भारत की बहू हैं नदेज्दा
44 साल की नदेज्दा रूस में रहने भारतीय मूल के डॉक्टर नितेश श्रीवास्तव की पत्नी हैं। दोनों के तीन बच्चे हैं।


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